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पुलिस ने खोला सुंदरम की हत्या का राज दोस्त ने ही रची थी साजिश, सोए हुए अवस्था में मारी थी गोली

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BIHAR KHABAR~NUNU BABU MISHRA
समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र में हुए सुंदरम हत्याकांड,के मुख्य आरोपी अनुराग कुमार राय उर्फ अनु सिंह को 24 घंटे के अंदर एस आई टी टीम के द्वारा हथियार एवं दो जिंदा कारतूस के साथ मुर्गियां चक से गिरफ्तार किया गया।  गिरफ्तार अपराध कर्मी की पहचान बेगूसराय जिला के तेघरा थाना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी रंजित राय के 22 वर्षीय पुत्र अनुराग कुमार राय उर्फ अन्नू सिंह के रुप में की गई, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते हुए पुलिस निरीक्षक ने बताया की गिरफ्तार अपराध कर्मी ने पुलिस के समक्ष पूछताछ के दौरान सुंदरम हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार किया,और पुलिस को कई अहम जानकारी दी,घटना में संलिप्त बाकी अपराध कर्मी फरार चल रहे हैं, जिनके गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

प्रेम विवाह के विरोध करने पर हुई थी सुंदरम की हत्या

सुंदरम कुमार के कनपटी में गोली अनुराग कुमार के द्वारा मारा गया था। बताते चले की बीते बुधवार रात्रि खानपुर थाना अंतर्गत ग्राम भोर जयराम में सुंदरम झा उर्फ राजा बाबू को अज्ञात अपराध कर्मियों के द्वारा घर के दरवाजा पर सोए अवस्था में सिर में गोली मार दी गई थी।घटना के तुरंत बाद क्षेत्रीय विधि विधान प्रयोगशाला मुजफ्फरपुर की टीम को साथ संकलन हेतु घटनास्थल पर बुलाया गया था। उक्त घटना के संदर्भ में खानपुर थाना में कांड दर्ज था। जख्मी सुंदरम झा का इलाज पीएमसीएच पटना में चल रहा था, बीते शुक्रवार को इलाज के क्रम में सुंदरम झा की मृत्यु हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक महोदय समस्तीपुर के निर्देश अनुसार कांड के त्वरित उद्वेदन हेतु अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर टू के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा लगातार विभिन्न पहलुओं पर अनुसंधान प्रारंभ किया गया अनुसंधान के क्रम में तकनीकी अनुसंधान एवं मानवीय आसूचना संकलन के आधार पर हत्याकांड के मुख्य आरोपी अनुराग कुमार राय उर्फ अनु सिंह को घटना में प्रयुक्त पिस्टल एवं दो जिंदा कारतूस के साथ मुर्गियां चक से गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अपराध कर्मी अन्नू सिंह ने पुलिस को बताया कि फुफेरी बहन की शादी बदलपुर स्थित लल्लन प्रसाद सिंह के  पुत्र सिद्धार्थ सौरभ से हुई है। इसी दौरान रिश्तेदारी होने के नाते अपनी फुफेरी बहन के देवर संदीप सौरव  जो एक कुख्यात अपराधी है, उससे अनु सिंह का दोस्ती हो गई । संदीप सौरभ जब भी कोई अपराध करता था तो अपराध से प्राप्त पैसे से अनुराग कुमार राय को खिलाता पिलाता था, जिसके कारण दोनों के बीच गहरा संबंध हो गया ।इसी क्रम में संदीप सौरभ अपने दोस्त मृतक का बड़ा भाई श्याम कुमार झा और छोटू को मिलाया। इसके बाद उसके घर पर आना-जाना लगा रहता था। इसी क्रम में संदीप सौरव की दोस्ती श्याम कुमार झा के बड़े भाई रोशन कुमार झा के साली से हो गई ।जबकि रोशन कुमार झा की साली भी अपने बहन के घर भोरे जयराम आती जाती थी। अपराधी संदीप सौरभ एवं रोशन कुमार झा की साली के बीच अवैध संबंध श्याम कुमार झा के साथ-साथ घर वाले को पसंद नहीं था। जिसके कारण श्याम कुमार झा रोशन झा एवं सुंदरम झा तीनों भाई संदीप सौरव को अपने घर जाने से मना करने लगे। फिर भी संदीप सौरभ है भय दिखाकर उनके घर आता जाता था।
कई बार इसी कारण से संदीप सौरभ एवं श्याम कुमार झा के बीच गाली गलौज भी हुआ था ।जिसके कारण श्याम कुमार झा अनुराग कुमार राय को भी गाली देने लगता था। क्योंकि यह भी साथ में आता जाता था ।करीब एक माह पहले संदीप सौरव रोशन कुमार झा की साली को भगाकर शादी कर लिया। जिससे नाराज मृतक सुंदरम झा उर्फ राजा बाबू ने संदीप सौरव को दोस्त होने के नाते अनुराग कुमार राय के मोबाइल पर फोन कर गाली गलौज किया। जिसके बाद अपराध कर्मी अनुराग कुमार राय ने सुंदरम झा एवं इसके परिवार वालों की हत्या करने की ठान ली। अनुराग कुमार राय ने अपने दोस्त तेघरा बेगूसराय के रहने वाला राहुल कुमार के साथ मिलकर हत्या का योजना बनाया ।तब योजना के अनुसार दिनांक 26 जून 2024 की सुबह से अनुराग कुमार राय ने अपने दोस्त संदीप सौरभ से एक हथियार एवं तीन गोली लिया ।संदीप सौरभ भी चाहता था कि श्याम कुमार झा की हत्या हो जाए ।इसके बाद संदीप बोला कि जाओ तीनों भाई को जान से मार दो । यह हथियार के साथ अपने दोस्त राहुल के साथ मिलकर रोड के टेंपो से एनएच होकर दलसिंहसराय होते हुए सीनियर तथा अंगार घाट होते हुए भोर जयराम करीब 8 बजे रात में आ गया। मौका देखकर समय करीब 12:30 बजे रात्रि में बिजली काटा तो सुंदरम कुमार झा के घर पर यह अपने दोस्त के साथ पहुंचा घर के दरवाजा पर ही सुंदरम झा खाट पर सोया हुआ था ।सोए अवस्था में सिर में गोली मार कर मौके से अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। इस छापेमारी दल में शामिल अनुमंडल सदर टू पुलिस पदाधिकारी विजय कुमार महतो, सदर अंचल पुलिस निरीक्षक शिवकुमार यादव ,खानपुर थाना अध्यक्ष मोहम्मद फहीम ,खानपुर अपर थाना अध्यक्ष नरेंद्र कुमार, डीआईयू शाखा अमित कुमार, रंजन कुमार, राजमणि कुमार, अमन कुमार, शामिल थे।

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