Home बिहार पपीते की खेती में वैज्ञानिक प्रबंधन की तकनीकी से किसानों की बढ़ेगी...

पपीते की खेती में वैज्ञानिक प्रबंधन की तकनीकी से किसानों की बढ़ेगी आए।

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भारत में पपीता की कुल खेती 50 हजार हेक्टेयर में की जाती है जिसमें कुल 60 हजार मेट्रिक टन का उत्पादन प्राप्त होता है,बिहार में यह खेती मात्र 2  हजार हेक्टेयर में की जाती है इससे कुल 45 हज़ार मैट्रिक टन पपीते का उत्पादन प्राप्त होता है पपीता के उत्पादकता तथा इसकी खेती के प्रति किसानों के रुझान में आ रही कमी का मुख्य कारण इसमें लगने वाली फुफुंद एवं विषाणु जनित बीमारी है। यह बीमारी पपीते के बड़े-बड़े बगनों को महज कुछ ही दिनों में पूर्ण रूपेण बर्बाद कर देती है किसने वैज्ञानिक तकनीकी से इन बीमारियों का प्रबंध करना सिर्फ पपीते में अच्छी उपज प्राप्त कर सकते हैं बल्कि इसकी खेती से अच्छी आय भी प्राप्त कर सकते हैं यह बात भारतीय फल एवं संसाधन परियोजना का प्रोफेसर और  राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विश्वविद्यालय पूसा के सह निदेशक ने कही है, उन्होंने ने कहा पपीते में लगने वाली अधिकांश फफूंद एवं विष्णु जनित बीमारियों के प्रबंध करने के लिए अखिल भारतीय अनुसंधान परियोजना डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा वैज्ञानिक अनुसंसाधान प्रारंभ कर दिया है।

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